फरीदाबाद (धर्मराज/तरुण अरोड़ा): जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, फरीदाबाद की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अधिकारी विशेष के खिलाफ एक और याचिका न्यायालय में दायर किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें याचिकाकर्ता ने स्वयं को प्रशासनिक मनमानी से पीड़ित बताते हुए न्यायालय की शरण ली है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी द्वारा लिए गए निर्णय न केवल नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत हैं, बल्कि इससे प्रेस की स्वतंत्रता, निष्पक्ष सूचना प्रणाली और संवैधानिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। विशेष रूप से प्रेस कार्ड वितरण और सूचना समन्वय से जुड़े मामलों में पारदर्शिता के अभाव को याचिका का मुख्य आधार बनाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। याचिका में संबंधित अधिकारी की भूमिका की न्यायिक समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि न्यायालय ने इस याचिका पर संज्ञान लिया, तो इससे जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं और प्रशासन को अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष स्पष्ट करना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं। ऐसे में एक के बाद एक याचिकाओं का दायर होना प्रशासनिक असंतोष की गंभीरता को दर्शाता है।
अब सभी की निगाहें न्यायालय पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या जिला प्रशासन इस बढ़ते विवाद पर कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।